भारत की सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी, Soft-Power Foreign Policy of India
Share this column
Written by
Asad Mirza
Asad Mirza is a Delhi-based journalist, author and media educator who has worked with AIR, Khaleej Times (Dubai), the BBC World Service and the British High Commission in New Delhi.
More about the authorKeep reading

International Affairsहिन्दी
बांग्लादेश मक्का समझौते में शामिल होगा?
बांग्लादेश मक्का समझौते में शामिल होगा? असद मिर्ज़ा बांग्लादेश का कहना है कि वह सऊदी-तुर्की-पाकिस्तान रक्षा समझौते में शामिल होने के लिए "खुला" है। यह शब्द चयन बहुत कुछ कह जाता है। यह हस्ताक्षर नहीं है, लेकिन कुछ भी…
·6 min read

International Affairsहिन्दी
चीन का "आइस सिल्क रोड": आर्कटिक में सबसे पहले पहुँचना क्यों मायने रखता है
पिघलती बर्फ और सुलगते मध्य पूर्व ने चीन को एक नया व्यापारिक मार्ग और एक शुरुआती बढ़त दे दी है। जैसे-जैसे बीजिंग नॉर्दर्न सी रूट को एक कार्यशील शिपिंग कारोबार में बदल रहा है, वह चुपचाप इस नक़्शे को फिर से खींच रहा है कि…
·7 min read

Articleहिन्दी
सत्ता जो फ़ैसला लेने से बचती है
भारत बिना किसी खेमे, किसी सिद्धांत, या किसी टकराव को चुने वैश्विक शक्ति का दर्जा चाहता है। यह अनिर्णय की रणनीति एक दशक तक उसके काम आई है — लेकिन 2026 यह परख रहा है कि क्या यह अस्पष्टता उस दुनिया में टिक सकती है जो अब…
·6 min read